feedburner

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

आत्महत्या???

.


यह देखो लोग केसे मोत के मुंह मे जाते है....... अरे मियां लडाई हर घर मै होती है, क्योकि छोटी सी बात पर ........ राम राम राम

15 टिपण्णी:
gravatar
dhiru singh {धीरू सिंह} said...
22 January 2009 at 2:55 AM  

राम राम . सच मे हिम्मती है . बीबी से मुकाबला करने से आसान है अपना सर फरोश करना

gravatar
Udan Tashtari said...
22 January 2009 at 3:42 AM  

जाने दो भई, छोटी सी बात पर क्या झगड़ना.

gravatar
ताऊ रामपुरिया said...
22 January 2009 at 3:53 AM  

शायद ये महाराज समझ रहे हैं कि कोई चिडिया इनके दांतो मे फ़ंसी हड्डी निकाल रही है. जब भी इनको याद आ गया कि ये इनका लजीज लंच बन सकता है तब तक ही खैर है. :)

रामराम.

gravatar
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...
22 January 2009 at 4:38 AM  

मुहब्बत को आत्महत्या कहा। रामं! राम!

gravatar
रंजना [रंजू भाटिया] said...
22 January 2009 at 5:20 AM  

उफ़ कितना दिल वाला है यह :)

gravatar
अल्पना वर्मा said...
22 January 2009 at 5:31 AM  

बड़ी हिम्मत है!

gravatar
seema gupta said...
22 January 2009 at 5:32 AM  

"भगवान ही मालिक है .अब ...."

Regards

gravatar
सुशील कुमार छौक्कर said...
22 January 2009 at 5:37 AM  

मैंने गौर से देख रहा था लगा जैसे नजर का भ्रम है। जिराफ थोडा दूर है। सच क्या ऐसा है? फोटो बहुत ही जबरद्स्त है।

gravatar
विनय said...
22 January 2009 at 5:47 AM  

मुझे लगता है कि वह अपने मुँह की बद-बू की जांच करवा रहा है


---आपका हार्दिक स्वागत है
चाँद, बादल और शाम

gravatar
शाश्‍वत शेखर said...
22 January 2009 at 6:28 AM  

मेरे ख्याल से दोनों एक दुसरे का हाल चाल पूछ रहे हैं| अब हिप्पो HI भी बोलेगा तो मुहं तो फाड़ना ही पड़ेगा!!

gravatar
रंजन said...
22 January 2009 at 7:36 AM  

महाश्क्ती वाला किस तो नहीं कर रहें कहीं?

gravatar
संगीता पुरी said...
22 January 2009 at 7:39 AM  

वाह !!!! कमाल की फोटोग्राफी है।

gravatar
Gagagn Sharma, Kuchh Alag sa said...
22 January 2009 at 3:20 PM  

नहीं जी, ड़रने की कोई बात नहीं है। बस बात करते-करते उबासी (जमहाई) आगयी जरा सी।

gravatar
डॉ .अनुराग said...
22 January 2009 at 3:43 PM  

विनय की बात में दम है राज जी !

gravatar
P Chatterjee said...
3 November 2016 at 6:07 AM  


दोस्त की बीवी

डॉली और कोचिंग टीचर

कामवाली की चुदाई

नाटक में चुदाई

स्वीटी की चुदाई

कजिन के मुहं में लंड डाला

Post a Comment

Post a Comment

नमस्कार,आप सब का स्वागत हे, एक सुचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हे, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी हे तो माडरेशन चालू हे, ओर इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा,नयी पोस्ट पर कोई माडरेशन नही हे, आप का धन्यवाद टिपण्णी देने के लिये

टिप्पणी में परेशानी है तो यहां क्लिक करें..
मैं कहता हूं कि आप अपनी भाषा में बोलें, अपनी भाषा में लिखें।उनको गरज होगी तो वे हमारी बात सुनेंगे। मैं अपनी बात अपनी भाषा में कहूंगा।*जिसको गरज होगी वह सुनेगा। आप इस प्रतिज्ञा के साथ काम करेंगे तो हिंदी भाषा का दर्जा बढ़ेगा। महात्मा गांधी अंग्रेजी का माध्यम भारतीयों की शिक्षा में सबसे बड़ा कठिन विघ्न है।...सभ्य संसार के किसी भी जन समुदाय की शिक्षा का माध्यम विदेशी भाषा नहीं है।"महामना मदनमोहन मालवीय