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खम्बां

.

यह खम्बा लगाने वाले भी ना..... बिना सोचे समझे हर जगह अपना खम्बा गाड देते है....... राम राम राम

18 टिपण्णी:
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Anil Pusadkar said...
21 January 2009 at 3:30 AM  

राम-राम्।गलत बात है कही भी खंबा गाड़ना।किनारे लगा देते।

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ताऊ रामपुरिया said...
21 January 2009 at 4:24 AM  

हमने तो सोचा था हमारे दीपक "तिवारी साहब" वाला खम्बा होगा? :)

रामराम.

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seema gupta said...
21 January 2009 at 4:30 AM  

" oh nooo"

Regards

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दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...
21 January 2009 at 5:11 AM  

खंबा तो किनारे ही लगाते हैं। लोग जगह बना कर उसे बीच में कर देते हैं।

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PN Subramanian said...
21 January 2009 at 6:05 AM  

ताऊ की भैंस को बाँधने के लिए अच्छी जगह है. कोई भिड़ गया या यों ही?

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सुशील कुमार छौक्कर said...
21 January 2009 at 6:32 AM  

वैसे बहुत सालों पहले दिल्ली में ये खम्भे भैंस को बधाने के काम ही आते थे। खैर ये आदमी कौन मजे फोटो खीचवा रहा है।

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शाश्‍वत शेखर said...
21 January 2009 at 6:35 AM  

हा हा हा| बिचारे का हाल चाल कोई पूछे भाई|

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Udan Tashtari said...
21 January 2009 at 8:49 AM  

ओफ्फ ओ!!! भीषण हादसा!!

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कुश said...
21 January 2009 at 8:51 AM  

hahaha.. sahi hai ji

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Zakir Ali 'Rajneesh' (S.B.A.I.) said...
21 January 2009 at 10:57 AM  

क्‍या बात है।

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mamta said...
21 January 2009 at 12:43 PM  

:)

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रंजना [रंजू भाटिया] said...
21 January 2009 at 12:57 PM  

:) बहुत ग़लत बात है यह सड़क के बीच में लगा दिया

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Amit said...
21 January 2009 at 1:10 PM  

mast photograph...

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Mired Mirage said...
21 January 2009 at 2:53 PM  

ओह ओह !
घुघूती बासूती

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विष्णु बैरागी said...
21 January 2009 at 9:25 PM  

खम्‍बा लगा दिया तो कोई बात नहीं पर लाइट क्‍यों नहीं लगाई।

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Tapashwani Anand said...
23 January 2009 at 3:08 PM  

ye nai ki dynamic khamba lagaye jo apne aap ko bacha sake...
khambe ki tarah kahi bhi gaad dete hai.. :-)

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Tapashwani Anand said...
23 January 2009 at 3:08 PM  

ye nai ki dynamic khamba lagaye jo apne aap ko bacha sake...
khambe ki tarah kahi bhi gaad dete hai.. :-)

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P Chatterjee said...
3 November 2016 at 6:07 AM  


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