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परमाणू बम

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गधे केसे केसे इस दुनिया मै????

24 टिपण्णी:
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Udan Tashtari said...
20 January 2009 at 2:11 AM  

हा हा!! यह तो परमाणु बम देने के पहले सोचना था कि किसे थमाया है. जिसे थमाया, अब वो खुद अपनी पीठ पर लाद कर घूम रहा है. :)

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हिमांशु said...
20 January 2009 at 2:17 AM  

वाह, वाह! समीर जी की टिप्पणी से अच्छा क्या कहूं?
मजा आया.

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Arvind Mishra said...
20 January 2009 at 3:07 AM  

हा हा इसे गधा ही ढोयेगा और गधे ही चलाएंगे !

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varsha said...
20 January 2009 at 3:29 AM  

in teen gadhon ki kripa rahi to aadmi to nahi bachenge duniya mein, bas gadhon ke bhai bandhu rah jayenge..

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dhiru singh {धीरू सिंह} said...
20 January 2009 at 3:29 AM  

तीन गधे और एक मिसाइल ....अल्लहा जाने क्या होगा आगे

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जी.के. अवधिया said...
20 January 2009 at 3:38 AM  

गधे कैसे कैसे इस दुनिया में!

वाह मजा आ गया!

यदि आप ढूंढेंगे तो इनसे भी बड़े गधे मिल जायेंगे। बस ढूंढते समय मेरी तरफ ध्यान मत देना वरना मेरा फोटो भी आपको अपने ब्लोग में लगाना पड़ेगा।

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mahashakti said...
20 January 2009 at 3:47 AM  

ये मनमोहन का है कि जरदारी का ?

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विनय said...
20 January 2009 at 3:47 AM  

"पेट्रोल बचाओ, क्यूँकि बेचकर अगला बम ख़रीदना है"

---आपका हार्दिक स्वागत है
चाँद, बादल और शाम

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दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...
20 January 2009 at 5:12 AM  

यह नहीं चलने वाले बम को चलाने का असफल प्रयत्न है। और गधा ही काम आया।

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सुशील कुमार छौक्कर said...
20 January 2009 at 5:25 AM  

वाकई फोटो तो अच्छा है और बहुत कुछ कह भी रहा है। जो मै नही कहूँगा।

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seema gupta said...
20 January 2009 at 5:47 AM  

गधो का भी कोई ट्रेनिंग कैंप होता होगा शायद...??

Regards

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Amit said...
20 January 2009 at 6:57 AM  

mast sir..maza aa gaya....

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शाश्‍वत शेखर said...
20 January 2009 at 7:39 AM  

बुद्धिमान तो मुझे गधा ही दिख रहा है|

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P.N. Subramanian said...
20 January 2009 at 7:57 AM  

बस मज़ा आ गया. कहने के लिए किसी ने कुछ नहीं छोड़ा. आभार.

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समयचक्र - महेद्र मिश्रा said...
20 January 2009 at 9:04 AM  

गधे पे परमाणु बम वाह राज जी गजब हो गया . मतलब ये है कि अब गधो की वेल्यू बढ़ गई है हा हा

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रंजना said...
20 January 2009 at 11:00 AM  

Ha Ha Ha .....sachmuch lajawaab..

ek photo itni badi kahani bol gayi.Bahut badhiya.

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अल्पना वर्मा said...
20 January 2009 at 12:51 PM  

ab dekhna yah hai ki 'most valuable 'and dangerous kaun ???

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Alag sa said...
20 January 2009 at 1:49 PM  

एक बात तो है, इंसान कभी भी परिस्थितियों से हार नहीं मानता।
अपने देश में राजस्थान में 'स्टेट बैंक' ऊंटों पर चढ घर-घर पहुंचता है।

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ताऊ रामपुरिया said...
20 January 2009 at 2:13 PM  

इब समझ म्ह आया कि ये रामदयाल की गधेडी को आप पकड लाये हैं और परमाणु बम ढोने वालों को किराये पर दे दिया है. :)

रामराम.

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Sandesha said...
20 January 2009 at 4:08 PM  

haa haa!! maza aa gaya.

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लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...
20 January 2009 at 5:06 PM  

अब तो अल्लाह ही मालिक है !!:)
- लावण्या

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गौतम राजरिशी said...
20 January 2009 at 5:14 PM  

हम तो चुप अवाक हैं....

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दिलीप कवठेकर said...
20 January 2009 at 7:32 PM  

कहां कहां से लाते हैं आप ये चित्र.

चेहरे से और टोपी से लगता है,कि पाकिस्तानी है! और कौन हो सकते है.

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P Chatterjee said...
3 November 2016 at 6:08 AM  


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