feedburner

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

आज तक आप को कुल कितनी टिपण्णियां मिली जानिये?

.

अरे हां बाबा यह हिसाब किताब तो हमेशा आप के पास रहता हे, तो देखना चाहेगे कि आप को आज तक कुल कितनी टिपण्णियां मिली, तो जनाब झट पट जाईये अपने डेश बोर्ड पर, या सेटिंग पर या जहां आप नयी पोस्ट लिखते हे, जी हर जगह आप की टिपण्णियो का हिसाब किताब आप के संग चलता हे, तो चलिये डेश बोर्ड से ही पता करते हे आप को आज तक कुल कितनी टिपण्णियां मिली..... जरा ध्यान दे देखे कि कमेंट कहा लिखा हे डेश बोर्ड मे, अब इस पर किल्क करे.... अरे वाह.... खुल गया ना आप की टिपण्णियो का खाता ध्यान से देखे राईट साईड मै इन सब की संख्या भी लिखी हे.
राम राम मिलते हे फ़िर कभी किसी मोड पर

15 टिपण्णी:
gravatar
अल्पना वर्मा said...
20 December 2010 at 8:39 PM  

अरे वाह!
इस पर तो कभी ध्यान ही नहीं दिया था..शुक्रिया.

gravatar
प्रवीण पाण्डेय said...
21 December 2010 at 4:11 AM  

हम भी देख आये।

gravatar
निर्मला कपिला said...
21 December 2010 at 4:59 AM  

मुझे पहले से पता था। देखा अब मै भी कितना कुछ सीख गयी हूँ। शुभकामनायें।

gravatar
नीरज जाट जी said...
21 December 2010 at 5:51 AM  

इधर तो जी 3500 + हैं।

gravatar
rashmi ravija said...
21 December 2010 at 10:27 AM  

बढ़िया जानकारी है...शुक्रिया
एक नज़र देख कर खुश हो ही लेते हैं..:)

gravatar
दिगम्बर नासवा said...
21 December 2010 at 12:38 PM  

ये तो naveen जानकारी है bhaatiya जी ... abhi dekhta hun .

gravatar
dhiru singh {धीरू सिंह} said...
21 December 2010 at 4:04 PM  

देखा तो पहले भी था ध्यान ना दिया था

gravatar
Harman said...
23 December 2010 at 7:14 AM  

jaankari ke liye shukriya..

Please visit my blog..
Lyrics Mantra

gravatar
JHAROKHA said...
23 December 2010 at 8:55 AM  

bahut hi achhi jankari dene ke liye aapko bahut bahut dhanyvaad sir.
yah to bahut hi aasaan tareeka bataaya aapne.koshish karungi.
poonam

gravatar
ज्ञानचंद मर्मज्ञ said...
23 December 2010 at 11:18 AM  

जानकारी के लिए शुक्रिया !
-ज्ञानचंद मर्मज्ञ

gravatar
उपेन्द्र ' उपेन ' said...
23 December 2010 at 8:31 PM  

अच्छी जानकारी............ शुक्रिया.
सृजन शिखर पर -- इंतजार

gravatar
Rahul Singh said...
24 December 2010 at 2:29 PM  

आंखें खोल दी आपने, हम तो लौट आए यहां लेकिन अब नजर यहीं न अटक जाए भाइयों की.

gravatar
डॉ.राधिका उमडे़कर बुधकर said...
27 December 2010 at 9:01 AM  

अरे वाह राज जी यह तो पता ही नही था ,शुक्रियाँ यह नई चीज़ बताने के लिए

gravatar
वीना said...
30 December 2010 at 6:32 PM  

अच्छी जानकारी के लिए शुक्रिया

gravatar
P Chatterjee said...
3 November 2016 at 4:12 AM  


दोस्त की बीवी

डॉली और कोचिंग टीचर

कामवाली की चुदाई

नाटक में चुदाई

स्वीटी की चुदाई

कजिन के मुहं में लंड डाला

Post a Comment

Post a Comment

नमस्कार,आप सब का स्वागत हे, एक सुचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हे, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी हे तो माडरेशन चालू हे, ओर इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा,नयी पोस्ट पर कोई माडरेशन नही हे, आप का धन्यवाद टिपण्णी देने के लिये

टिप्पणी में परेशानी है तो यहां क्लिक करें..
मैं कहता हूं कि आप अपनी भाषा में बोलें, अपनी भाषा में लिखें।उनको गरज होगी तो वे हमारी बात सुनेंगे। मैं अपनी बात अपनी भाषा में कहूंगा।*जिसको गरज होगी वह सुनेगा। आप इस प्रतिज्ञा के साथ काम करेंगे तो हिंदी भाषा का दर्जा बढ़ेगा। महात्मा गांधी अंग्रेजी का माध्यम भारतीयों की शिक्षा में सबसे बड़ा कठिन विघ्न है।...सभ्य संसार के किसी भी जन समुदाय की शिक्षा का माध्यम विदेशी भाषा नहीं है।"महामना मदनमोहन मालवीय