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ब्लाग परिवार... Blog parivaar

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आप सब को मेरा नमस्कार, सलाम, सतश्री अकाल ओर जो जो वाक्या स्वागत मे कहे जाते हे, वो सब मेरी ओर से जोड ले,बहुत समय से देख रहा हुं कि साथी लोग ऎग्रीगेट्र की बाते कर रहे हे, कोशिश कोई नही कर रहा, कोई पेसो की बात करता हे तो कोई रुठे हुयो को मना रहा हे, लेकिन इतने समय से कुछ खास नही हुआ,अब बेठे बेठे मेरे दिमाग मै एक विचार आया कि क्यो ना मे ही इस काम का बीडा ऊठा लूं, वेसे तो मुझे पता हे कि यह काम मेरे अकेले के बस का नही, लेकिन जब तक हम मे से कोई पहला कदम नही बढायेगा तब तक कुछ नही हो पायेगा.पुरा पढने के लिये यहां आये

नॊट..... कृप्या आप अपना URL  जरुर लिखे, इस से मुझे दिक्कत नही होती

7 टिपण्णी:
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Harman said...
29 December 2010 at 10:31 AM  

nice ..
Please Visit My Blog..
Lyrics Mantra

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डॉ. मनोज मिश्र said...
29 December 2010 at 12:58 PM  

बेहतरीन शुरुआत-शुभकामनायें राज जी.
http://manjulmanoj.blogspot.com

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एस.एम.मासूम said...
31 December 2010 at 7:22 PM  

नववर्ष आपके लिए मंगलमय हो और आपके जीवन में सुख सम्रद्धि आये…एस.एम् .मासूम
http://payameamn.blogspot.com/

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दिगम्बर नासवा said...
3 January 2011 at 10:00 AM  

Shuruaat to achhee hai ..

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Neeraj Shukla said...
14 August 2012 at 6:44 PM  

kripya mera blog shamil karne ka kasht kare

http://fursat-nama.blogspot.com

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Neeraj Shukla said...
14 August 2012 at 6:46 PM  

kripya mera blog shaamil karne ka kasht karen

http://fursat-nama.blogspot.com

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P Chatterjee said...
3 November 2016 at 4:12 AM  



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मैं कहता हूं कि आप अपनी भाषा में बोलें, अपनी भाषा में लिखें।उनको गरज होगी तो वे हमारी बात सुनेंगे। मैं अपनी बात अपनी भाषा में कहूंगा।*जिसको गरज होगी वह सुनेगा। आप इस प्रतिज्ञा के साथ काम करेंगे तो हिंदी भाषा का दर्जा बढ़ेगा। महात्मा गांधी अंग्रेजी का माध्यम भारतीयों की शिक्षा में सबसे बड़ा कठिन विघ्न है।...सभ्य संसार के किसी भी जन समुदाय की शिक्षा का माध्यम विदेशी भाषा नहीं है।"महामना मदनमोहन मालवीय