feedburner

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

गोल गप्पे ओर वो भी चटपटे करारे.

.

एक बार बंते से उस की होने वाली बंती ने पुछा जी...
जब हमारी मंगनी हो जायेगी तो तुम मुझे एक रिंग दो गे ना..
बंता खुशी से बोला.. हां हां एक क्यो नही,दो दो जी, एक घर के फ़ोन पे, ओर एक मोबाइल पे.
*******************************************************
एक पहलवान से दुसरे पहलवान ने पूछा..
अगले जन्म मे तुम क्या बनाना चाहोगे ?
पहला पहलवान ... कंक्रोच ?
दुसरा अरे कंक्रोच क्यो ?
यार मेरी वीवी सिर्फ़ कंक्रोच से ही डरती है
********************************************************
ताऊ जब स्कूल मे जाता तो सारा दिन सोया रहता.
एक दिन हिन्दी की टीचर पढा रही थी, कि दिल्ली मे कुतबमिनार है.
जब उस ने ताऊ को देखा तो उसे बहुत गुस्सा आया कि यह तो आधा सोया है,
झट से ताऊ को खडा किया ओर पूछा बताओ मेने अभी क्या कहा था ?
ताऊ ने आधी बात सुनी थी, झट से बोला जी दिल्ली मे कुत्ता बिमार है.
***************************************************************************

संता अपने बेटे से.... ओऎ फ़िकर ना कर तू शेर दा पुत्तर (बेटा) है.
बेटा झट से, हां पापा जी मेरी टीचर भी कहती है तु तो किसी जानवर की ही ओलाद है.
********************************************************************
एक कातिल वकील से... सर कोशिश करना उम्र केद हो जाये, फ़ांसी ना हो.
वकील, फ़िकर ना करो मै समभांल लूगां.
फ़ेसले के बाद, कातिल... वकील साहब क्या हुया,
वकील बडी मुस्किल से उम्र केद हुयी है, जज तो बरी कर रहा था.

20 टिपण्णी:
gravatar
संगीता पुरी said...
22 June 2009 at 9:41 PM  

अच्‍छे चुटकुले हैं !

gravatar
Udan Tashtari said...
22 June 2009 at 10:37 PM  

मस्त, मजेदार!

gravatar
RC Mishra said...
22 June 2009 at 11:15 PM  

मज़ा आ गया!

gravatar
HEY PRABHU YEH TERA PATH said...
23 June 2009 at 1:47 AM  

majedar ji
thanx sirji

gravatar
Bhuwan said...
23 June 2009 at 3:08 AM  

भई वह... मज़ा आ गया.

भुवन वेणु
लूज़ शंटिंग

gravatar
डॉ. मनोज मिश्र said...
23 June 2009 at 3:18 AM  

मस्त -मस्त .

gravatar
श्यामल सुमन said...
23 June 2009 at 4:42 AM  

हा हा हा हा ---------

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

gravatar
Anil Pusadkar said...
23 June 2009 at 5:44 AM  

आनंद आ गया जी।

gravatar
अल्पना वर्मा said...
23 June 2009 at 9:32 AM  

:) bahut mazedaar jokes hain.

gravatar
seema gupta said...
23 June 2009 at 9:34 AM  

हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा एक से बड कर एक...
regards

gravatar
Pyaasa Sajal said...
23 June 2009 at 9:38 AM  

sab naye hote hai yahaan...mast hai Sir :)

gravatar
Babli said...
23 June 2009 at 11:49 AM  

वाह वाह क्या मज़ेदार चुट्कुल्ले है! बहुत बढ़िया लगा और हँसते हँसते पेट में दर्द हो गया!

gravatar
Nirmla Kapila said...
23 June 2009 at 12:22 PM  

हा हा हा हा हा ह अरे अब तो पेट भी दुख्ने लगा हा हा हा बहुत खूब्

gravatar
रंजना said...
23 June 2009 at 3:25 PM  

ha ha ha ha....bahut bahut majedaar....maja aa gaya padhkar..aabhar.

gravatar
AlbelaKhatri.com said...
23 June 2009 at 5:45 PM  

ha ha ha ha ha ha ha ha

gravatar
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...
23 June 2009 at 7:15 PM  

वाकई चटपटे हैं और करारे भी। शुक्रिया।

gravatar
शोभना चौरे said...
23 June 2009 at 8:27 PM  

aapke blogpar phli bar hi aana hua hai .sata banta ke sath maja a gyaji

gravatar
प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...
25 June 2009 at 2:04 PM  

मजेदार चुटकुले हैं...बहुत खूब..मज़ा आ गया...

gravatar
ताऊ रामपुरिया said...
29 June 2009 at 8:09 AM  

बहुत लाजवाब.

रामराम.

gravatar
P Chatterjee said...
3 November 2016 at 5:01 AM  


दोस्त की बीवी

डॉली और कोचिंग टीचर

कामवाली की चुदाई

नाटक में चुदाई

स्वीटी की चुदाई

कजिन के मुहं में लंड डाला

Post a Comment

Post a Comment

नमस्कार,आप सब का स्वागत हे, एक सुचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हे, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी हे तो माडरेशन चालू हे, ओर इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा,नयी पोस्ट पर कोई माडरेशन नही हे, आप का धन्यवाद टिपण्णी देने के लिये

टिप्पणी में परेशानी है तो यहां क्लिक करें..
मैं कहता हूं कि आप अपनी भाषा में बोलें, अपनी भाषा में लिखें।उनको गरज होगी तो वे हमारी बात सुनेंगे। मैं अपनी बात अपनी भाषा में कहूंगा।*जिसको गरज होगी वह सुनेगा। आप इस प्रतिज्ञा के साथ काम करेंगे तो हिंदी भाषा का दर्जा बढ़ेगा। महात्मा गांधी अंग्रेजी का माध्यम भारतीयों की शिक्षा में सबसे बड़ा कठिन विघ्न है।...सभ्य संसार के किसी भी जन समुदाय की शिक्षा का माध्यम विदेशी भाषा नहीं है।"महामना मदनमोहन मालवीय