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मां तो ऎसी ही होती है.

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अब हम क्या लिखे , यह चित्र खुद ही बोलते है, मां चाहे इंसान की हो, या फ़िर जानवर की, लेकिन मां तो मां ही होती है...















25 टिपण्णी:
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Anil Pusadkar said...
22 February 2009 at 7:14 AM  

हां वाकई सब कुछ तस्वीरे ही कह रही है।

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Ratan Singh Shekhawat said...
22 February 2009 at 7:25 AM  

बिल्कुल सही ! माँ तो माँ ही होती है ! तस्वीरों ने भी सब कुछ साफ कर दिया !

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सुशील कुमार छौक्कर said...
22 February 2009 at 7:37 AM  

सच माँ तो माँ ही होती है। एक बार डिस्कवरी देख रहा था जिसमें एक बार शेरनी शिकार करते वक्त एक हिरण का बच्चा जो भाग नही पाता है किसी वजह से पर शेरनी उसे नही खाती है और बल्कि उसकी देखभाल करती है। उसको चलने में मदद करती है पानी पीलाने ले जाती है। पर एक दिन वह बस चंद पल के लिए दूर होती तो कोई शेर उसका शिकार कर जाता है और दुखी हो जाती है। सच उस वक्त आँखे भर आई थी। खैर ये जिदंगी है चलती रहती है।

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Gagagn Sharma, Kuchh Alag sa said...
22 February 2009 at 8:00 AM  

सच में माएं ऐसी ही होती हैं।

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Mired Mirage said...
22 February 2009 at 8:11 AM  

बहुत बढ़िया चित्र हैं।
घुघूती बासूती

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अल्पना वर्मा said...
22 February 2009 at 8:20 AM  

dil ko chhu liya in tasweeron ne.

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Vidhu said...
22 February 2009 at 8:33 AM  

भाटिया जी ,आप की पोस्ट की तस्वीर बोलती है ...अद्भुत् चित्र कहाँ से सहेजते हैं आप ...मां तो बस मां होती है बच्चे को संकट मैं नही छोड़ सकती...दुनिया मैं इसीलिए भगवान् केपहले मां का दर्जा है ......जीव जंतुओं के प्रति संवेदन शीलता आप मैं हैं तभी तो आप सब कुछ हम लोगों से बाँट पातें हैं ...मेरे पास एक लेबराडॉग है ...हमारे प्रति उसका प्रेम इतना असीम है ...कई छोटे किस्से हैं कभी लिखूंगी इस पोस्ट के लिए ...अनंत शुभ कामना

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ताऊ रामपुरिया said...
22 February 2009 at 9:06 AM  

सही कहा आपने मां की ममता तो सभी जीवों मे ऐसी ही होती है.

रामराम.

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Udan Tashtari said...
22 February 2009 at 9:16 AM  

वाकई, तस्वीरें बोल उठी-माँ तो माँ ही होती है.

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गौतम राजरिशी said...
22 February 2009 at 9:21 AM  

अद्‍भुत तस्वीरें राज साब....उफ़्फ़!!!!
कहा~म से लाते हैं आप ये नायाब तस्वीरें सर?

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P.N. Subramanian said...
22 February 2009 at 9:26 AM  

अद्भुत. हमारे पास एक बहुत पुराणी विडियो क्लिप है जिसमे एक तेंदुआ बंदरिया को मार देता है लेकिन बन्दर के बच्चे के प्रति उसकी ममता देखने लायक है. आभार.

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समयचक्र - महेन्द्र मिश्र said...
22 February 2009 at 9:28 AM  

माँ की ममता से लबरेज बढ़िया फोटो है माँ तो आखिर माँ होती है . अच्छा लगा .

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उन्मुक्त said...
22 February 2009 at 10:57 AM  

सच में मां ऐसी ही होती है।

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रवीन्द्र प्रभात said...
22 February 2009 at 12:06 PM  

सचमुच तस्वीरें ख़ुद बयान कर रही है !

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शोभा said...
22 February 2009 at 12:42 PM  

बहुत ही सुन्दर चित्र हैं। आपने सच कहा माँ ऐसी ही होती है।

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Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...
22 February 2009 at 12:45 PM  

वाह्!बहुत ही अद्भुत चित्र.सचमुच मां की तुलना किसी से नहीं की जा सकती.......

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नितिन व्यास said...
22 February 2009 at 1:43 PM  

अद्बुत!

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Atul Sharma said...
22 February 2009 at 2:01 PM  

मुआफ करिएगा, सेहत से तो यह बाप लग रहा है।

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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...
22 February 2009 at 4:24 PM  

प्रकृति ने माँ को विलक्षण भाव देकर भेजा है। अद्‌भुत।

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राज भाटिय़ा said...
22 February 2009 at 7:24 PM  

अतुल जी हो सकता है आप की बात भी सही हो
अजी अगर बाप भी हुआ तो बाप भी तो अपने बच्चे को उतना ही प्यार करता है, जितना मां, बल्कि बाप की जिम्मेदारी कुछ ज्यादा ही होती है, लेकिन बच्चा, फ़िर भी ज्यादा मां के पास रहता है इस लिये बच्चे को मां से ज्यादा मोह होता है

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shyam kori 'uday' said...
23 February 2009 at 3:35 AM  

आप चित्रों के माध्यम से सचमुच कमाल कर रहे हैं, प्रसंशनीय व न भूलने वाली अभिव्यक्ति है।
शुभकामनाएँ।

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seema gupta said...
23 February 2009 at 4:06 AM  

" भावुक हो गया मन ये तस्वीरे देख कर .....माँ सच में माँ ही होती है ......अतुलनीय

Regards

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Tapashwani Anand said...
23 February 2009 at 10:20 PM  

maa.........

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दिगम्बर नासवा said...
24 February 2009 at 4:14 PM  

तस्वीरें ख़ुद ही बयां कर रहीं हैं...........
माँ तो माँ ही होती है, इंसान और जानवर, माँ का एहसास तो सब की माँओं में होता है

अपनी माँ की भी याद आ गयी, अपने वतन की याद आ गयी

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P Chatterjee said...
3 November 2016 at 5:25 AM  


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