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रुसी का दिमाग

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हमारी घोडा गाडी, दुनिया हम से चार कदम आगे है जी, ताऊ अब भेंस को गांव ले जाना हो तो .... तरीका सीख ले

17 टिपण्णी:
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Udan Tashtari said...
17 January 2009 at 12:59 AM  

:)

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dhiru singh {धीरू सिंह} said...
17 January 2009 at 2:02 AM  

अच्छा तरीका बताया . ताऊ का तो पता नही लेकिन मैं भैस,गाय जरुर पलता हूँ

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P.N. Subramanian said...
17 January 2009 at 4:21 AM  

बढ़िया तरीका है

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सुशील कुमार छौक्कर said...
17 January 2009 at 5:59 AM  

हा हा हा। बहुत खूब।

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Anil Pusadkar said...
17 January 2009 at 6:33 AM  

क्या आइडिया ढूंढ कर लाये है,आपको तो भारत का परिवहन मंत्री बनाया जाना चाहिये।यंहा के पब्लिक ट्रांस्पोर्ट के लिये आप ही योग्य नज़र आ रहे है भाटिया जी। मज़ा आ गया। क्षमा भी चाहूंगा काफ़ी दिन गायब रहा।

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रंजना [रंजू भाटिया] said...
17 January 2009 at 7:03 AM  

बहुत बढ़िया तरीका :)

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Amit said...
17 January 2009 at 8:04 AM  

:) MAST....

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ताऊ रामपुरिया said...
17 January 2009 at 8:12 AM  

बहुत बढिया जी. आप तो एक खरीद कर भाडा प्रीपेड करके भिजवा दिजिये और पैसे म्हारै खाते मे ५ लाख के साथ जोड कर लिख लेना जी. :)

रामराम.

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COMMON MAN said...
17 January 2009 at 9:14 AM  

taau aur dhiru bhaiya ki tarah ham bhi ek gaay paal lete hain, photo aapke saare hi bade maje daar hain, bachche wale ka to jawab nahi.
ek gujarish aur hai, yeh template mujhe mail kar dijiye plz, ya template download karne ke liye address bata dijiye

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शाश्‍वत शेखर said...
17 January 2009 at 9:58 AM  

बढिया है। सीखने वाले सीख लें।

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राजीव करूणानिधि said...
17 January 2009 at 11:28 AM  

मजा आया देखा कर. धन्यवाद.

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mamta said...
17 January 2009 at 11:44 AM  
This comment has been removed by the author.
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mamta said...
17 January 2009 at 11:45 AM  

:) :)

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दिलीप कवठेकर said...
17 January 2009 at 11:46 AM  

Well taken snap!!!

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राज भाटिय़ा said...
17 January 2009 at 1:10 PM  

COMMON MAN भाई हम ने आप कॊ इस टेमपेल्ट की जिप फ़ाईल भेज दी है

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हरि said...
17 January 2009 at 5:10 PM  

राज जी,
ये तो शायद घोड़ा है। लोग तो गधे ढो रहे हैं।

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P Chatterjee said...
3 November 2016 at 6:11 AM  


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