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इस कार को आप केसे चलायेगे???

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शुक्र भगवान का यह मेरी कार नही, मुझे यह चित्र कही से मिला तो सोचा आप को बता दुं सर्दियो मै अगर आप अपनी कार को नही चलाओ गे तो...... फ़िर ऎसी जमेगी की.....ऎसी जमेगी की.........ऎसी जमेगी की.....लेकिन अब क्या हो सकता है, इन्तजार के अलावा, वेसे मेने आज तक नही देखी ऎसी ठण्डी ठण्डी कार

14 टिपण्णी:
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ताऊ रामपुरिया said...
15 January 2009 at 3:50 AM  

इसे चलाने के लिये मैं इस पर पहले गर्म कोयले डलवाऊंगा.:)

लाजवाब चित्र.

रामराम.

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Udan Tashtari said...
15 January 2009 at 4:34 AM  

सस्ती मिल जायेगी As Is Condition में, खरीद लो.

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Tarun said...
15 January 2009 at 5:16 AM  

शुक्र है कार ही थी, अगर गाल होते तो यही कहना पड़ता ऐसे गालों के साथ कैसे चबाओगे

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seema gupta said...
15 January 2009 at 6:17 AM  

" बाप रे बाप इसको चलाना तो बडी टेडी खीर है, वैसे ताऊ जी से हम भी सहमत हैं"
Regards

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सुशील कुमार छौक्कर said...
15 January 2009 at 6:29 AM  

मैंने भी नही देखी ऐसी कार। समीर जी सही कह रहे है।

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P.N. Subramanian said...
15 January 2009 at 7:37 AM  

ये तो हमारे फिअट का भाई दिखो है. ताऊ का साथ देंगे..

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विनय said...
15 January 2009 at 10:14 AM  

बहुत बढ़िया

---
आप भारतीय हैं तो अपने ब्लॉग पर तिरंगा लगाना अवश्य पसंद करेगे, जाने कैसे?
तकनीक दृष्टा/Tech Prevue

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Mired Mirage said...
15 January 2009 at 11:22 AM  

गर्मियों की प्रतीक्षा करूँगी और तब तक कार चलाना सीखने के दिवास्वप्न देखूँगी।
घुघूती बासूती

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dhiru singh {धीरू सिंह} said...
15 January 2009 at 2:43 PM  

कार with आईस . कैसे चलेगी यह कार यह तो वह सोचे जो ऐसी बरफ मे रहता हो .

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डॉ .अनुराग said...
15 January 2009 at 3:18 PM  

चलायेगे ताऊ .....हम तो इसमे कुछ किलोमीटर बाद बैठेगे जी....

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दिलीप कवठेकर said...
15 January 2009 at 3:58 PM  

बेहद रोचक.लगे रहिये राज भाई..

बर्फ़ के टपकने और साथ ही जमनी का अद्भुत मिला जुला स्वरूप दिख रहा है.

मैंने तो सिर्फ़ कारें ही नहीं, छोटी और बडी़ नौकायें भी इसी तरह से जमी हुई देखी. जब झील ही जम जाये तो कोई कहां जाये?

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Amit said...
15 January 2009 at 5:44 PM  

chennai le aayenge...khud - b-khud chalne lagegi...

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राज भाटिय़ा said...
15 January 2009 at 10:00 PM  

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद आप को यह सब चित्र पसंद आते है, आप की टिपण्णी मेरी हिम्मत है.
धन्यवाद

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P Chatterjee said...
3 November 2016 at 6:12 AM  


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