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तलत महमुद जी भाग ३

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कुछ ऎसे भुले बिसरे गीत, जिन्हे आप बार बार सुनना चाहेगे,बहुत ही सुंदर गीत, अजी गीत क्या इन्हे तो दिल की आवाज ही कहले, तो सुनिये मेरी अपनी पंसद के गीत, कुछ मेरी नजर के हिट गीत, जिन्हे मै कभी नही भुल सकता....

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8 टिपण्णी:
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seema gupta said...
20 December 2008 at 10:56 AM  

"शाम-ऐ-गम की कसम , आज गमगीन हैं हम, आ भी जा ...ये मेरा हमेशा से पसंदीदा रहा है, इन भूले हुए गीतों को यहाँ सुनाने का बहुत आभार..."

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ताऊ रामपुरिया said...
20 December 2008 at 11:50 AM  

बेमिसाल तोहफ़ा है जी !

रामराम !

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मोहन वशिष्‍ठ said...
20 December 2008 at 2:09 PM  

बहुत बहुत धन्‍यवाद इन्‍हें सुनाने के लिए बहुत ही अनमोल धरोहर हैं ये गीत

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Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...
20 December 2008 at 2:58 PM  

भाटिया जी, इन गीतों ने तो बीते हुए दिन याद दिला दिए, शुक्रिया!

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योगेन्द्र मौदगिल said...
21 December 2008 at 6:03 AM  

wah wah BHATIYA jee
चाला पाड़ राख्या सै.....

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गौतम राजरिशी said...
21 December 2008 at 9:19 AM  

अनमोल संग्रह...

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Dr Prabhat Tandon said...
22 December 2008 at 2:04 AM  

खूबसूरत संग्रह !!

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P Chatterjee said...
3 November 2016 at 6:26 AM  



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