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कहते है हिन्दूस्तानी है हम....(सत्यम शिवम)

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कहते है हिन्दूस्तानी है हम,
पर जुबान पे अंग्रेजों की भाषा बसती है,
देख के अपनी विलायती तेवर,
हिन्दी हम पर यूँ हँसती है।
क्या बचपन में पहला अक्षर,
माँ कहने में शर्माया था,
रोता था जब जब तू प्यारे,
लोरी ने चैन दिलाया था।

अब बढ़ी बुद्धि,अब बढ़ा ज्ञान,
हिन्दी को क्यों बदनाम किया,
जिसके साये में पल पल कर,
हम सब ने जग में नाम किया।

मीठी भाषा,प्यारी भाषा,
हिन्दी को बस आत्मसात करो,
अंग्रेजी भाषा है अपनी गुलामी,
उस भाषा में मत बात करो........।

"साहित्य प्रेमी संघ" की ओर से आप सभी हिन्दी प्रेमीयों को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.....
www.sahityapremisangh.com

7 टिपण्णी:
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Rashmi Swaroop said...
14 September 2011 3:21 PM  

सुन्दर कविता… सच्चाई बयां करती हुई…
धन्यवाद।

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डॉ. मनोज मिश्र said...
14 September 2011 6:09 PM  

बहुत सुंदर.

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प्रवीण पाण्डेय said...
14 September 2011 6:28 PM  

यही दर्द है हम सबका।

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Ratan Singh Shekhawat said...
26 October 2011 4:43 AM  

दीपावली के पावन पर्व पर आपको मित्रों, परिजनों सहित हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ!

way4host
RajputsParinay

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मदन शर्मा said...
29 October 2011 11:19 AM  

बहुत सुन्दर रचना|
आपको तथा आपके परिवार को दिवाली की शुभ कामनाएं!!!!

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राज भाटिय़ा said...
31 October 2011 12:48 PM  

वाह इस कविता मे तो आप ने मेरे दिल की बात कह दी,अति सुंदर विचार, धन्यवाद

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amrendra "amar" said...
2 February 2012 7:22 AM  

लाज़वाब! बहुत सुंदर और भावपूर्ण प्रस्तुति...

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