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बापू !! यह तेरी गल्तियो का नतिजा है??

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पिता जो पुजनिया होता है... लेकिन यहां मामला कुछ अलग है...यहा आज के बच्चे को अपने पिता से...

19 टिपण्णी:
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‘नज़र’ said...
6 July 2009 at 10:30 AM  

बड़ा अजीब है

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चर्चा । Discuss INDIA

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Science Bloggers Association said...
6 July 2009 at 10:34 AM  

क्या कहें।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

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विवेक सिंह said...
6 July 2009 at 10:42 AM  

हमारे में खुला ही नहीं !

फ़िर कभी देखते हैं !

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विनोद कुमार पांडेय said...
6 July 2009 at 10:53 AM  

ham dekh nahi pa rahe hai
pata nahi kya problem hai
par aapka is tarah ka pryas achcha hai..
nayi nayi baten prastut karane ka.
badhayi...

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Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...
6 July 2009 at 1:33 PM  

भाटिया जी, हमारे पास तो वीडियो खुल नहीं रहा !!

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ताऊ रामपुरिया said...
6 July 2009 at 3:04 PM  

बहुत अजीबोगरीब है जी ये मामला तो.:)

रामराम.

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Gagan Sharma, Kuchh Alag sa said...
6 July 2009 at 3:58 PM  

आधा अधूरा रहा। कुछ समझ नहीं आया।

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डॉ. मनोज मिश्र said...
6 July 2009 at 6:09 PM  

अब क्या कहें .

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Udan Tashtari said...
6 July 2009 at 6:12 PM  

भाषा तो समझ आई नहीं, शायद आप ही सही हो!!

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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...
6 July 2009 at 6:38 PM  

भाइयों, वीदियो तो खुल ही रहा है, इसमें एक सीलिंग खुल रही है जिससे छिपकली के बच्चे नीचे टपक रहे हैं। किसी फेविकोल टाइप बॉण्ड का प्रचार है। लेकिन है बड़ा विचित्र।

कहाँ से लाते हैं जी यह सब?

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राज भाटिय़ा said...
6 July 2009 at 8:10 PM  

अजी जब छिपकली नीचे गिरती है तो बेटा बाप को पकड लेता है कि इतनी घटिया छत क्यो बनवाई कि एक प्यार करने वाला जोडा मर गया छत टुटने से ओर फ़िर फ़ेविकोल का प्रचार

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SUNIL DOGRA जालि‍म said...
6 July 2009 at 10:42 PM  

यह वाली गलती कुछ ज्यादा ही भरी पड़ी

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Nirmla Kapila said...
7 July 2009 at 5:14 AM  

वाह वाह मुझे लगा कि लडका बाप से कह रहा है कि बिन सोचे समझे छिपकली की तरह हमे क्यों टपका दिया और इस लिये बाप का गला पकड रहा है वाह लाजवाब्

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cartoonist anurag said...
7 July 2009 at 8:24 AM  

khul hi nahi raha......

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दिगम्बर नासवा said...
7 July 2009 at 12:58 PM  

ऐसा भी होता है....

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आकांक्षा~Akanksha said...
7 July 2009 at 8:39 PM  

Mamla kuchh samajh men nahin aya.ap hi bata den.
फ़िलहाल शब्द-शिखर पर आप भी बारिश के मौसम और भुट्टा का आनंद लें !!

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अल्पना वर्मा said...
8 July 2009 at 7:33 AM  

एक sports channel पर भी एक बार कुछ दिनों के लिए यह commercial आया था,dekhne में बहुत ajeeb hai...
जहाँ तक याद है IPL के pichhle क्रिकेट matches के dauran आता था.फिर achanak यह ad. बंद हो गया.

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mahashakti said...
10 July 2009 at 10:55 AM  

:)

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P Chatterjee said...
3 November 2016 at 4:55 AM  


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