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ताऊ की जीप

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ताऊ चला सब्जी मण्डी.....

19 टिपण्णी:
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P.N. Subramanian said...
6 March 2009 at 4:20 AM  

लगता है कहीं कोई अफ्रीकी देश का है या फिर जहाँ वो लोग अधिक हैं. जीप का पूरा पूरा उपयोग हो रहा है. सुन्दर. आभार.

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सुशील कुमार छौक्कर said...
6 March 2009 at 5:24 AM  

ताऊ जी की जीप को हमारे घर भेज दें जी।

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दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...
6 March 2009 at 5:25 AM  

झाँकी सुन्दर है, इस बार गणतंत्र दिवस की परेड में होना चाहिए।

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Udan Tashtari said...
6 March 2009 at 5:46 AM  

राम प्यारी कहाँ बैठेगी??

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Anil Pusadkar said...
6 March 2009 at 5:53 AM  

गनिमत है इस पर परिवहन मंत्रालय की नज़र नही पड़ी वर्ना अब तक़ ये असरकारी से सरकारी हो जाती।

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प्रकाश बादल said...
6 March 2009 at 5:54 AM  

राज भाई ये ग़ाड़ी चलती कैसे है। मैं व्रत वाले दिन इसमें बठूँगा।

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ताऊ रामपुरिया said...
6 March 2009 at 6:14 AM  

बहुत बढिया जी. हम तो इस जीप मे हर साल दो साल मे बैठते हैं जब हम हमारी मौसी के यहा शीलापठार (आसाम) जाते हैं. डिब्रुगढ से शीलापठार जाने मे ब्रहम्पुत्र पार करते समय उसके सूखे पाटों के बीच ऐसी ही जीपों मे भी सफ़र करना पडता है. और कोई भी चारा नही होता. इसमे सब्जी भरी है वैसे उनमे आदमी भरे रहते हैं. ड्राईवर तो कहीं दिखता ही नही है.

रामराम,

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Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...
6 March 2009 at 6:18 AM  

भाटिया जी,ये केले क्या भाव दिए?..)

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dhiru singh {धीरू सिंह} said...
6 March 2009 at 6:33 AM  

अद्भुत jeep

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वर्षा said...
6 March 2009 at 7:41 AM  

मज़ेदार है

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दिगम्बर नासवा said...
6 March 2009 at 9:04 AM  

सामान की खेर हो..........ताऊ कहाँ छिप कर गाडी चला रहे हैं, और ये बाहर हाथ निकाल कर कोन बेठा है ताऊ के साथ.......

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रंजना [रंजू भाटिया] said...
6 March 2009 at 1:32 PM  

अदभुत है यह तो

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लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...
6 March 2009 at 4:36 PM  

पूरा कैनवास मय सारे रँगोँ के कैद कर लिया है इस चित्र मेँ

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विष्णु बैरागी said...
6 March 2009 at 6:59 PM  

भाटियाजी! आप का चित्र चयन तो वास्‍तव में अद्भुत है। पता नहीं, कहां-कहां से ढूंढ कर लाते हैं आप ये चित्र।

तबीयत खुश हो जाती है।

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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...
6 March 2009 at 7:53 PM  

मजा आ गया मालगाड़ी देखकर। शुक्रिया...!

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mehek said...
6 March 2009 at 8:19 PM  

baap re itane kele:)waah

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Ratan Singh Shekhawat said...
7 March 2009 at 3:12 AM  

वाह ! लाजबाब चित्र !

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आलोक सिंह said...
14 March 2009 at 1:23 PM  

सारी सब्जी मंडी ले के चल दिए ताऊ

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P Chatterjee said...
3 November 2016 at 5:16 AM  


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