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आओ कुछ काम की बाते सीखॆ...

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अबे पढ ले, यह ताऊ तेरे को नही छोडने वाला........ चल बोल ग से गुडियां...

17 टिपण्णी:
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potpourrii said...
5 March 2009 at 5:03 AM  

जनाब पढ़ना नहीं नाचना चाहतें हैं!!!!!

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अनिल कान्त : said...
5 March 2009 at 5:07 AM  

ha ha ha ha .........

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Udan Tashtari said...
5 March 2009 at 5:18 AM  

ओए होए-कैसा सीधा बनकर बैठा है? सही फंसा-बोल, ग से गुड़िया वरना जरा छड़ी मंगाना!!

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संगीता पुरी said...
5 March 2009 at 5:29 AM  

गरीब बच्‍चों को पढानेवाला कोई नहीं .... यहां बंदर को पढाने पर समय जाया हो रहा है।

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P.N. Subramanian said...
5 March 2009 at 6:25 AM  

कैसा मुह फुलाए बैठा है मनो कह रहा हो तेरी पढाई अपने पास रख.

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Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...
5 March 2009 at 7:11 AM  

भाटिया जी,ये महाराज ऎसे नहीं पढेंगे......ग से गुडिया की बजाए इन्हे ल से लट्ठ ,ख से खूंटा,ब से बीनू फिरंगी या फिर र से रामप्यारी सिखाओ तो शायद जल्दी सीख जाएं..))

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Mired Mirage said...
5 March 2009 at 8:55 AM  

मामला पढ़ाई का नहीं है। ये महाराज तो रूठे हुए हैं।
घुघूती बासूती

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ताऊ रामपुरिया said...
5 March 2009 at 9:27 AM  

इब ये तो ताऊ खुद ही बैठा है. ताऊ के बचपन की फ़ोटो है. क्या करना लिख पढ कर? ब्लाग तो लिखना नही है जो कम्प्युटर वगैरह की पढाई करनी पडे?:)हम तो अनपढ ही अच्छे. युं ही केट स्केन करके काम चल जायेगा वैसे "वत्स" जी ने तरीका सही सुझाया है.:)

रामराम.

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dheeraj said...
5 March 2009 at 9:35 AM  

कहा जाता है कि तस्वीर बोलती है । तस्वीर हर कहानी को बयां कर जाती है । चित्र को देखते ही सारी चीजे मालूम हो जाती है । शानदार चित्रण धन्यवाद

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दिगम्बर नासवा said...
5 March 2009 at 10:08 AM  

लगता है बुरा मान गया ..................ताऊ कोई और तरीका निकालो इसे पढ़ाने का

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mehek said...
5 March 2009 at 10:11 AM  

ha ha badhiya hai

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आलोक सिंह said...
5 March 2009 at 10:27 AM  

जोहार
बहुत सुन्दर छवि , कितना मासूम लग रहा है , कह रहा है अब तो छोड़ दो मुझे , रहम करो मेरे ऊपर .

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शोभा said...
5 March 2009 at 12:15 PM  

हा हा हा क्या बात है। सुन्दर

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दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...
5 March 2009 at 12:44 PM  

सीख भाई सीख!

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सुशील कुमार छौक्कर said...
5 March 2009 at 4:20 PM  

हँसी आ रही है।

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बवाल said...
8 March 2009 at 1:49 PM  

बहुत मज़ेदार राज जी क्या बात है! हा हा

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P Chatterjee said...
3 November 2016 at 5:17 AM  


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