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तुम आज मेरे संग हंसलो

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एक गांव के दो हिस्से बंटे थे, उत्तर दिशा वालो ने सेम बहादुर पाल रखा था, जो भुरे रंग का था, ओर दक्षिण दिशा वालो ने बीनू फ़िरंगी पाल रखा था, जिस का रंग बिलकुल काला था, गाव वाले चाहे आपिस मे दुशमन थे, लेकिन दोनो कुत्तो मै बहुत प्यार था,




एक बार सेंम (जो अब ताऊ के पास है) बीनू फ़िरंगी को अपने मोहल्ले मै आने का न्योता दिया,बीनू फ़िरंगी सुबह सुबह सेम के मोहल्ले मै आ गया, ओर दोनो कुते मस्ती से पुरे इलाके मे घुमे सेम उसे दिखा रहा था, यह ताऊ की हवेली है,ओर वहा ताजा दुध एक कटोरा भर के रखा था, दोनो ने खुब पीया, फ़िर आगे गये, यह तिवारी जी का मकान है, वहा भी खुब सारा खाना सेम के लिये रखा था, दोनो ने खुब खाया, इसी तरह घुमते ओर खाते पीते सारा दिन गुजर गया, ओर अब दोनो ने पेट मे बिलकुल भी जगह नही बची, जाते जाते बीनू फ़िरंगी इतवार को सेम को अपने मोहल्ले मै आने का न्योता देता आया.

इतवार को सेम सुबह सुबह बीनू फ़िरंगी के मोहल्ले मै घुमने चला गया, फ़िरंगी ने उसे अपना पुरा एरिया घुमाया, लेकिन खाने को दोनो को कुछ भी नही मिला, ओर दोनो का बुरा हाल, सेम ने कहा यार तु यहां क्यो पडा है चल मेरे मोहल्ले मै ही रह दोनो भाई मिल कर रहेगे, इतनी देर मै कुछ शोर सुन कर दोनो ने देखा, एक ओरत अपनी बेटी को गुस्सा कर रही थी, कमबखत अगली बार भी तुने सब्जी खराब बनाई तो तुझे काले कुत्ते से ब्याहुगी !!! फ़िरंगी बोला सेम भाई इसी लिये मै यहां इस उम्मीद मै पडा हुं, देखो कब रिश्ता लेकर आ जाये....

18 टिपण्णी:
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Anil Pusadkar said...
17 February 2009 at 6:09 PM  

तो ये बात है?

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परमजीत बाली said...
17 February 2009 at 6:20 PM  

बहुत खूब!!
उम्मीद पर दुनिया कायम है जी:)

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रंजन said...
17 February 2009 at 6:29 PM  

जय हो... बहुत अच्छा..

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mehek said...
17 February 2009 at 7:10 PM  

ha ha ha sir ji waah maza aa gaya,binu firangi ki sagai ke sapne hi dikhenge aaj raat ein hame:)

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dhiru singh {धीरू सिंह} said...
18 February 2009 at 2:03 AM  

उम्मीद पर दुनिया कायम है

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Tarun said...
18 February 2009 at 2:34 AM  

चुटकुला सुनने में अच्छा लगता अगर इससे पहले इसे एक सच के रूप में पहले पढ़ा नही होता, जहाँ सच में एक लड़की को कुत्ते के साथ विवाह किया गया।

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shyam kori 'uday' said...
18 February 2009 at 3:52 AM  

... प्रेरणादायक कमाल का चुटकुला है।

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seema gupta said...
18 February 2009 at 5:03 AM  

कमबखत अगली बार भी तुने सब्जी खराब बनाई तो तुझे काले कुत्ते से ब्याहुगी !!! फ़िरंगी बोला सेम भाई इसी लिये मै यहां इस उम्मीद मै पडा हुं, देखो कब रिश्ता लेकर आ जाये....
" ha ha ha ha ha ha ha ha hya ha ha ha ha ha ha ha ha very interesting.."

Regards

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कुश said...
18 February 2009 at 6:28 AM  

हाहाहा.. रिश्ता हो जाए तब खबर भिजवाईएगा...

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Science Bloggers Association of India said...
18 February 2009 at 6:47 AM  

बहुत खूब, मजा आ गया। हंसाने के लिए आभार।

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Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...
18 February 2009 at 6:56 AM  

अजी क्या पता शायद बेचारे के भाग खुल ही जाऎं.

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रंजना [रंजू भाटिया] said...
18 February 2009 at 6:59 AM  

:) बहुत खूब...

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ताऊ रामपुरिया said...
18 February 2009 at 9:19 AM  

अब लगता है ये बीनू फ़िरंगी हमारे सैम को भी बिगाड कर ही मानेगा. :)

रामराम.

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आलोक सिंह said...
18 February 2009 at 9:47 AM  

प्रणाम
उम्मीद पर ही दुनिया कायम है बेचारे फिरंगी ने भी अपने ब्याह की उम्मीद लगा रक्खी है , शायद एक दिन आएगा जब लड़की माँ उसके लिए रिश्ता लेकर आएगी .
बहुत बढ़िया .
धन्यवाद

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नरेश सिह राठौङ said...
18 February 2009 at 3:10 PM  

कोई सर्कस वाली कि फ़िराक मे है, कोई दूसरी की क्या बात है? रिश्ते ही रिश्ते ।

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hem pandey said...
19 February 2009 at 10:04 AM  

मजेदार हास्य परोसने के लिए धन्यवाद.

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mahashakti said...
21 February 2009 at 4:30 PM  

ई कुकुरवा है केकर

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P Chatterjee said...
3 November 2016 at 5:26 AM  


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