feedburner

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

केसे केसे पेड

.















18 टिपण्णी:
gravatar
सुशील कुमार छौक्कर said...
7 January 2009 at 6:50 AM  

ये पेड़ है या कलाकृतियाँ। कहाँ से लाते हैं ये खजाना। जरा हमें भी बता दो। किसी को नही बताएंगे ।

gravatar
Irshad said...
7 January 2009 at 6:53 AM  

ओह क्या अहसास है. अनोखी और दुर्लभ तस्वीरे है...लेकिन इसमे कोई डिजीटल आर्ट का कमाल तो नही है. पर रोचक बहुत है

gravatar
Suresh Chandra Gupta said...
7 January 2009 at 6:55 AM  

वाह जी वाह, देखने में तो यह इंसानों जैसे लग रहे हैं. उम्मीद है व्यवहार में इंसानों जैसे नहीं हैं.

gravatar
आभा said...
7 January 2009 at 7:07 AM  

पेड़ो की निराली तस्वीर खासकर दूसरी जैसे गढ़ा गया हो.....

gravatar
रंजना [रंजू भाटिया] said...
7 January 2009 at 7:18 AM  

अदभुत तस्वीरे हैं यह

gravatar
शाश्‍वत शेखर said...
7 January 2009 at 7:24 AM  

खूबसूरती देखने वाले हर जगह खूबसूरती देख लेते हैं| अद्भुत नजारा, मन प्रसन्न हो उठा|

gravatar
pallavi trivedi said...
7 January 2009 at 8:25 AM  

वाह...सचमुच आश्चर्यजनक और सुन्दर.

gravatar
P.N. Subramanian said...
7 January 2009 at 9:00 AM  

पहला तो एकदम वास्तविक ही है. बाकी तो हमें डिसनी लॅंड के लगते हैं. एक बार पूरे पेड़ की फोटो ईमेल में आई थी और किसी ने बताया की यह पालघाट जिले में है. फिर क्या था. लोग ढूँदने लगे. होता तो मिलता.

gravatar
मोहन वशिष्‍ठ said...
7 January 2009 at 9:32 AM  

भाटिया जी क्‍या ये सच में ही पेड हैं विश्‍वास ही नहीं होता अगर ये पेड हैं तो बहुत ही आश्‍चर्यजनक है और शायद इनको दुर्लभ की संज्ञा भी दी जा सकती है

gravatar
ताऊ रामपुरिया said...
7 January 2009 at 9:36 AM  

बहुत आश्चर्यजनक तस्वीरें हैं. एकदम कलाकृति जैसी.

रामराम.

gravatar
Vidhu said...
7 January 2009 at 10:04 AM  

gorgious,beautiful,excellent...

gravatar
seema gupta said...
7 January 2009 at 11:02 AM  

"wow amezing, superb.......... eye catching"

regards

gravatar
Parul said...
7 January 2009 at 11:22 AM  

gazab

gravatar
Alag sa said...
7 January 2009 at 2:22 PM  

दूसरे और चौथे से कुछ छेड़खानी की भी गयी हो तो भी बहुत सुंदर।

gravatar
Amit said...
7 January 2009 at 9:09 PM  

bahut sundar...

gravatar
महेंद्र मिश्रा said...
8 January 2009 at 1:10 PM  

और दुर्लभ तस्वीरे है बहुत सुंदर.....

gravatar
गौतम राजरिशी said...
8 January 2009 at 5:51 PM  

अद्‍भुत राज साब...अद्‍भुत
कहाँ से लाते हो आप ये सब?

gravatar
P Chatterjee said...
3 November 2016 at 6:15 AM  


दोस्त की बीवी

डॉली और कोचिंग टीचर

कामवाली की चुदाई

नाटक में चुदाई

स्वीटी की चुदाई

कजिन के मुहं में लंड डाला

Post a Comment

Post a Comment

नमस्कार,आप सब का स्वागत हे, एक सुचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हे, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी हे तो माडरेशन चालू हे, ओर इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा,नयी पोस्ट पर कोई माडरेशन नही हे, आप का धन्यवाद टिपण्णी देने के लिये

टिप्पणी में परेशानी है तो यहां क्लिक करें..
मैं कहता हूं कि आप अपनी भाषा में बोलें, अपनी भाषा में लिखें।उनको गरज होगी तो वे हमारी बात सुनेंगे। मैं अपनी बात अपनी भाषा में कहूंगा।*जिसको गरज होगी वह सुनेगा। आप इस प्रतिज्ञा के साथ काम करेंगे तो हिंदी भाषा का दर्जा बढ़ेगा। महात्मा गांधी अंग्रेजी का माध्यम भारतीयों की शिक्षा में सबसे बड़ा कठिन विघ्न है।...सभ्य संसार के किसी भी जन समुदाय की शिक्षा का माध्यम विदेशी भाषा नहीं है।"महामना मदनमोहन मालवीय