feedburner

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

चल झुठी

.

एक पागल पागल खाने मे...... मै इस दुनिया को मिटा दुंगा,... हां हां मिटा दुंगां...... हां हां हां मिटा दुंगा !!!!
दुसरा पागल......ओये जा ... मै तुझे रबड ही नही दुंगा ?

***************************************************************
पत्नि... आप मुझ से कितना प्यार करते हो ?
पति....शहंजहान जितना !!
पत्नि.... खुश हो कर अच्छा तो तुम मेरे लिये ताज महल भी बनावाओ गे ?
पति.... हां हां, अरे मेने तो प्लाट भी ले कर रखा है , बस देरी तुम्हारी ओर से हो रही है.
*********************************************************************
लडका... तुम मुझ से शादी कब करोगी ?
लडकी ... कभी नही..
लडका ... क्यो ?
लडकी ... मेरे घर वाले नही मानेगे ?
लडका... अच्छा घर मै कोन कोन है ?
लडकी... मेरे पति ओर तीन बच्चे......
************************************************************************
ग्राहक... जी नश्बार है ?
दुकान दार... तंग हो कर नही, लेकिन अगली बार पुछा तो गोली मार दुंगा.
अगले दिन ग्राहक... जी पिस्टोल ओर उस की गोली है?
दुकान दार... नही है.
ग्राहक... अच्छा तो नशबार है ??
******************************************************************+
पति.... हेप्नोटाईज किसे कहते है ?
पत्नि.... किसी को अपने कट्रोल मे कर के अपनी मर्जी से काम करवाना ,
पति.... चल झुठी, उसे तो शादी कहते है.

एक छोटी सी लव स्टोरी

.

यह लव स्टोरी बहुत प्यारी सी है ,
जिस मै दोनो अपने अपने दिल का दर्द कुछ इस तरह से अदा करते है..

**********लडका********
तुम से बिछडॆ तो यह एहसास हुआ.
यह इश्क ना हम को रास हुआ.
मेरे दिल का सत्यानाश हुआ,
हमारा एड्मिशन तो एक साथ हुआ,
पर गजब कया तेरे साथ हुआ,
तु हुस्न की देवी फ़ेल हुयी,
मै दर्द का मारा पास हुआ


ओर जब यह पत्र लडकी को मिलता है तो...लडकी का जबाब


************लडकी********
मै कलास मे तुम को देखती थी
दिन रात मै तेरे को सोचती थी
किताब को जब मै उठाती थी.
तेरी यादो मै खो जाती थी.
पर तुझको ना एहसास हुआ,
मै प्यार की प्यासी फ़ेल हुयी,
तु झुठा आशिक पास हुआ

यह केसा धमका पडोसी के यहां ??

.

दिल थाम के देखिये इस अजीज धमाके को, बार बार देखिये, कमजोर दिल पहले अपने पास पानी का गिलास रख ले.
तो हाजिर है यह धमाका.....

मैं कहता हूं कि आप अपनी भाषा में बोलें, अपनी भाषा में लिखें।उनको गरज होगी तो वे हमारी बात सुनेंगे। मैं अपनी बात अपनी भाषा में कहूंगा।*जिसको गरज होगी वह सुनेगा। आप इस प्रतिज्ञा के साथ काम करेंगे तो हिंदी भाषा का दर्जा बढ़ेगा। महात्मा गांधी अंग्रेजी का माध्यम भारतीयों की शिक्षा में सबसे बड़ा कठिन विघ्न है।...सभ्य संसार के किसी भी जन समुदाय की शिक्षा का माध्यम विदेशी भाषा नहीं है।"महामना मदनमोहन मालवीय