Jan
25
हिन्द की माया………..(सत्यम शिवम)
.
Er. सत्यम शिवम
.
कविता
एक माँ ने आवाज लगायी,
एक ने तुझे गँवाया,
खोकर एक ने तुझे पा लिया,
हिन्द की है ये माया।
कितनों के सिंदूर कर्ज पर,
कई बहनों के राखी,
कितनों ने है भाई गँवाये,
अपने और संग संगाती।
माँ की गोद उजड़ गयी देखो,
बाप का साया छुटा,
दूर गया वो हमे छोड़कर,
देश से जोड़ा नाता।
लड़ता लड़ता सीमाओं पर,
देश का वीर सपूत,
अंगारों और तोप सा बन गया,
माँ के लाल का रुप।
मर कर भी वो देश की खातिर,
माँ भारती के रग रग में है जिया।
खुशबु बन कर आज है छाया,
मेरे देश के वीरों की काया।
हिन्द की है ये माया।
Post a Comment
नमस्कार,आप सब का स्वागत हे, एक सुचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हे, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी हे तो माडरेशन चालू हे, ओर इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा,नयी पोस्ट पर कोई माडरेशन नही हे, आप का धन्यवाद टिपण्णी देने के लिये
टिप्पणी में परेशानी है तो यहां क्लिक करें..
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मैं कहता हूं कि आप अपनी भाषा में बोलें, अपनी भाषा में लिखें।उनको गरज होगी तो वे हमारी बात सुनेंगे। मैं अपनी बात अपनी भाषा में कहूंगा।*जिसको गरज होगी वह सुनेगा। आप इस प्रतिज्ञा के साथ काम करेंगे तो हिंदी भाषा का दर्जा बढ़ेगा। महात्मा गांधी
अंग्रेजी का माध्यम भारतीयों की शिक्षा में सबसे बड़ा कठिन विघ्न है।...सभ्य संसार के किसी भी जन समुदाय की
शिक्षा का माध्यम विदेशी भाषा नहीं है।"महामना मदनमोहन मालवीय
25 January 2011 at 5:55 pm
बहुत सुंदर ... गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.....
25 January 2011 at 6:26 pm
बहुत सुन्दर कविता।
25 January 2011 at 6:42 pm
अच्छी पोस्ट। गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
25 January 2011 at 8:52 pm
बहुत अच्छी लगी आप की रचना, धन्यवाद
आप को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई
26 January 2011 at 8:27 am
आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद.....गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ।
26 January 2011 at 2:35 pm
बहुत खूबसूरत रचना। शहीदों को नमन। गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें..
26 January 2011 at 6:33 pm
26 जनवरी पर सार्थक रचना!
गणतन्त्र दिवस की 62वीं वर्षगाँठ पर
आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!
Post a Comment