आप की नजर मै कुछ परिभाषाऎ......
यह परिभाषाऎ...... मुझे युही घुमते फ़िरते कही मिल गई, इस के रचियता कोन सज्जन है मुझे मालुम नही, ओर मुझे अच्छी लगी तो आप की नजर कर दी , अगर किसी भाई की यह परिभाषाऎ हुयी ओर उन्हे दिक्कत हुयी तो मै इन्हे उन की अमानत समझ कर इसे हटा लुगां, तो लिजिये आप इन का लुफ़्त उठाये......
१ नेता.. वो आदमी है जो अपने देश के लिये आप की जान की कुर्बानी देने के लिये हरदम तेयार हो.
२ पडोसी..वो महान आत्मा है जो आप के मामलो को आप से ज्यादा जानते है.
३ शादी.... आसान तरीका है यह मालुम करने का कि आप की बीबी को केसा पति पसंद है.
४ विशॆषग्या...वह आदमी जो कम से कम चीजो के बारे ज्यादा से ज्यादा जानकारी रखता हो.
५ ग्याणी.... यह वो व्यक्ति है जो प्रभावी तरीके से , सीधी सी बात को उलझाना जानता हो.
६ सम्भ व्यवहार... मुहं बन्द करके आवासी (जम्हाई) लेना.
७.आमदनी... जिस मे गुजारा करना कठीन हो, लेकिन उस के बिना रहा भी ना जाये.
८.राजनेता...एक ऎसा चालाक जो धनवान से धन ओर गरीव से वोट यह वादा कर के मांगता है कि वह एक कि दुसरे से रक्षा करेगां.
९ आशावादी... वह शख्स है जो सिगरेट मंगने से पहले ही दियासलाई जला ले.
१० नयी साडी... जिसे पहन कर स्त्री को उतना ही नशा हो जितना पुरुष को शराब की एक पुरी बोतल पी कर होता है.
११ मनॊ विग्यानिक वह व्यक्ति, जो किसी खुबसुरत लडकी के कमरे मै घुसने पर उस लडकी के सिवाय बाकी सबको गॊर से देखता है.
१२. दुसरी शादी अनुभव पर आशा की विजय.
१३ कूटनीतिग्या वह आदमी जो किसी स्त्री का जन्म दिन तो याद रखे, लेकिन उस की उम्र नही.
१४ अनुभव भूतकाल मै की गई गलतियो का दुसरा नाम.
१५ अवसरवादी ..वह आदमी जो गलती से नदी मै गिर पडे तो नहाना शुरु कर दे
१६ अपराधी दुनिया के बाकी लोगो जैसा ही मनुष्य, सिवाय इस के कि वह पकडा गया है.
१७ व्यख्यान सूचना को स्थानांतरित करने का तरीका जिस्मे व्याख्याता की डायरी के नोट्स,विधार्धियो की डायरी मै बिना किसी दिमाग से गुजरे पहुंच जाये.
१८ कान्फ़्रेन्स रुम...वह स्थान जहां हर व्यक्ति बोलता है, कोई नही सुनता,ऒर अंत मै सब असहमत होते है.
१९ परम आनदं..एक ऎसी अनुभूति जब आप अनुभव करते है, कि आप एक ऎसी अनुभूति को अनुभव करने करने जा रहे है,जो आपने पहले कभी अनुभव नही की है.
२१ श्रेष्ठ पुस्तक... जिसकी सब प्रशंसा करते है, परंतु पढता कोई ना हो.
२२ समिति... ऎसे व्यक्ति जो अकेले कुछ नही कर सकते , परंतु यह निर्णय मिलकर करते है कि साथ साथ कुछ नही किया जा सकता.
Sunday, January 04, 2009 | 11 Comments
कुंदन लाल सहगल भाग 5
नमस्कार... लिजिये फ़िर से हाजिर होगया हु सहगल जी के मिठ्ठे मिठ्ठे स्वर मै उन के १० गीत ले कर , अगर आप को पुराने गीत पसंद है तो यह गीतो रुपी फ़ुलो का गुलदस्ता आप सब को पसंद आये गा....
तो लिजिये आगले दस गीत......
Powered by eSnips.com |
Thursday, January 01, 2009 | 4 Comments