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ताऊ के काम

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भाई ताऊ तो होता ही शरीफ़ है...... तो चलिये ताऊ की शराफ़त का एक नमुना ओर देख ले...

एक बार ताऊ ओर तिवारी साहब जी बस मै बेठ गये, बस थी हरयाणा रोड वेज की, थोडी देर बाद कंडकटर आया ओर बोला साहब जी टिकट, तिवारी साहब सोचने लग गये की पेसे केसे बाचाये जाये? तभी तिवारी साहब जी के दिमाग ने काम किया, ओर तिवारी साहब पेसे बचाने के चक्कर मै बोले... भाई कंडकटर तु यह सोच लियो की बस मे तेरी बुआ बेठ गई थी,बस का कंडकटर शरीफ़ था, इसलिये चुप हो गया, फ़िर ताऊ को देख कर बोला ताऊ ईब तु तो टिकट कटवा ले, अब ताऊ ने देखा की यु तिवारी तो सीधा बच गया, मेरे पेसे लगेगे, ओर सोचने लग गया?????? ताऊ ने भी दिमाग दोडाया ओर बोला भाई कडकटर तु यह सोच ले की बुआ संग तेरा फ़ुफ़ा भी बस मै बेठा है.

थोडा बच कर...

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यह सुचना आप सब के लिये है....
हमारे यहां कई लोगो को ई मेल मिला की आप का धन्यवाद आप ने ओबामा की जीत मे खुशी दिखाई, हम आप सब का धन्यवाद करते है...... ओर आप जब इस ई मेल को खोलेगे तो आप के यहां नया विरुस,( वायरस) आ चुका होगा, इस लिये सावधान करना मेरा फ़र्ज है।
इस ओबामा के नाम से जितने भी ई मेल आये समझिये सब मै कुछ गडबड है,

ताऊ के काम

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भाईयो हमारा ताऊ ऎसा वेसा नही, बहुत ही सीधा साधा शरीफ़ आदमी है, अगर किसी को शक हो तो भारत के किसी भी पुलिस स्टेशन पर जा कर उन महा आदमी की फ़ोटो देख सकते है, अरे आप गलत समझ रहै है, अरे महात्मा गांधी की फ़ोटो भी तो पुलिस स्टेशन पर लगी होती है... तो क्या ........ सच मै हमारा ताऊ बहुत शरीफ़ है, यकीन नही होता ??? तो नीचे खुद पढ ले....

भाई ताऊ के बडे लडके का रिश्ता पक्का होगया, अब ताऊ हमारा बहुत शरीफ़, लडकी वाले पक्के चालू ओर कंजुस मक्खी चुस, अब जब ताऊ ने शादी की तारीख निकलवा ली तो लडकी का वाप बोला चोधरी साहब बात यह है कि तुम बारात थोडी छोटी लाना, बस १०,१५ आदमी ही।

अब ताऊ था दिल का राजा, उस की जान पहाचान बांलाग मै ही इतनी है २,३ सो तो बांलग्रिये ही इक्कट्टॆ हो जाये, फ़िर गाव के , रिश्ते दार सब मिला के १५०० लोग, ताऊ ने एक दो बार समझाया, लेकिन लडकी का वाप था पक्का कंजुस, वो नही माना, तो ताऊ ने हां कर दी, ओर भाईयो रोकते रोकते भी २७ आदमी हो गये,

बारात पहुची लडकी वालो के घर मै, ओर लडकी के बाप ने जब देखा की बाराती तो बहुत ज्यादा है, ओर खाना बनबाया है सिर्फ़ १५ आदमियो का, तो भाईयो लडकी के बाप ने खीर मै, आलू की सब्जी मै ,दाल मै ,चावलो मै, ओर हलवे मै पानी डाल दिया, ओर पानी डालने के कारण सारा खाना वेस्वाद सा हो गया, अब बराती खाने आये तो ताऊ के कारण कुछ नही बोले ओर थोडा बहुत खा कर ऊठ गये, ताऊ भी सारी बात समझ गया।

अब शादी हो गई ओर विदाई का समय आया तो लडकी के बाप ने ताना सा मारा, चोधरी साहब आप बारात तो बहुत छोटी लेकर आये, अब हमारे ताऊ को गुस्सा तो बहुत आया, लेकिन मोके की नाजाकत देखर्ते हुये दोनो हाथ जोड कर ताऊ बोला... चोधरी साहब हमारे गाव मै गोवर खाने वाले बस इतने ही लोग थे।
तो हमारा ताऊ हुआ न शरीफ़

मैं कहता हूं कि आप अपनी भाषा में बोलें, अपनी भाषा में लिखें।उनको गरज होगी तो वे हमारी बात सुनेंगे। मैं अपनी बात अपनी भाषा में कहूंगा।*जिसको गरज होगी वह सुनेगा। आप इस प्रतिज्ञा के साथ काम करेंगे तो हिंदी भाषा का दर्जा बढ़ेगा। महात्मा गांधी अंग्रेजी का माध्यम भारतीयों की शिक्षा में सबसे बड़ा कठिन विघ्न है।...सभ्य संसार के किसी भी जन समुदाय की शिक्षा का माध्यम विदेशी भाषा नहीं है।"महामना मदनमोहन मालवीय