भारत मे सब से बडी मस्जिद कहां हे ओर कितनी पुरानी हे??
भारत की सबसे बडी मस्जिद कहा हे, किस ने बनबाई, ओर कितनी पुरानी हे, क्या आप जानते हे?
भारत मे दिल्ली की जामा मस्जिद भारत की सब से बडी मस्जिद हे, जिस को बादशाह शाहं जहा ने १६४४ मे बनवाया था ओर यह मस्जिद १६५८ तक बन गई थी , इस का पुराना नाम मस्जिंदे जहांनुमा हे, मस्जिद के उतरी भाग मे एक अलमारी मे बेशकिमती चीजे रखी हे, जेसे हिरन की खाल पर लिखा कुरान,मोहम्मद साहिब की दाढी का बाल,उनकी चप्प्ले, ओर भी काफ़ी कुछ उनके पाव का निशान भी एक संगमरमर के पत्थर पर अंकित हे.
Tuesday, October 07, 2008 | 15 Comments
दादी मां
दादी मां आज बहुत खुश थी, आज तो गावं मे दादी के घर पर खुब रोनक थी, दादी के सारे बच्चे जो घर आये हुये थे, दोनो लडके अपने परिवार समेत आये थे. दोनो लडको के ३, ३ बच्चे थे, बहुये भी सुशील थी, फ़िर दोनो बेटिया भी अपने परिवार समेत आ गई, ओर आज तो चारो ननद भी आ गई थी परिवार समेत, ओर पुरे घर मे शादी जेसा माहोल था.
सभी बहुत खुश थे, बच्चे शोर मचा रहे थे, कभी इधर कभी उधर, बेटियां ओर बहुंयओ ने भी सारे काम आपिस मे बांट लिये कोई खाना बनाने का काम सम्भाल लेती हे तो कोई घर की साफ़ साफ़ाई मे लग गई, यानि सभी बहुत ही खुश ओर हो भी क्यो ना ? भाई आज से तीसरे दिन दादी का ९० जन्म दिन जो है.
घर मे आने जाने वालो का भी बहुत जम बाडा लगा था, दादी मां के बडे लडके ने जब अलमारी खोली तो उस मे से काफ़ी समान फ़ेकने के लिये निकाला, ओर उस समान के साथ, बडे लड्के के हाथ मे पुरानी दवा भी हाथ लगी जो दवा वह ओर उस का भाई पिछले समय मां को दे गये थे, लडके ने उन मे से पुरानी दवा जिन की मयाद खतम हो चुकी , अलग की ओर बाकी समान सम्भाल कर रख दिया. फ़िर बाहर आ कर इधर उधर देखा तो बुआ नजर आई, बेटा बोला बुआ यह दवा कही सही जगह फ़ेक देना किसी बच्चे के हाथ ना लग जाये. रात काफ़ी हो गई थी, फ़िर गावं मे तो वेसे भी जलदी रात हो जाती है.
दुसरे दिन दोनो भाई शहर मे किसी जरुरी काम से गये, ओर शाम को जब घर मे आये तो, गावं मे घुसते ही उन्हे कुछ अजीब सा लगा, जब घर की तरफ़ गये तो दंग रह गये उन के घर के सामने बहुत भीड, दोनो भाईयो के होश उड गये ओर वह जलदी से घर भागे, तो देखा दादी ओर बुआ दोनो ही मरणसन हालाल मे पडी हे, बिलकुल बेहोश..... दोनो भाईयो को कुछ समझ नही आया कि कुछ समय पहले तो सब राजी खुशी थे अचानक यह सब केसे हो गया, घर मे सभी सहम सहम बेठे थे, भाईयो ने अपनी बी्बीयो से पुछा, बच्चो से पुछा किसी को कुछ पता नही था. क्या हुआ ओर यह अचानक केसे हुआ.
फ़िर भी दोनो भाईयो ने हिम्मत की ओर मां को ले कर रोहतक मेडिकल कालेज पहुंच गये, वहां डाकटरो ने जलदी से चेक किया, ओर उन्हे खुब उलटियां करवाई ओर बताया इन्होने कोई गलत वस्तु खा ली य किसी ने खिला दी हे.लेकिन आप घबराये नही,हमे बहुत उम्मीद हे इन दोनो के बचने की हाः अगर आप थोडा देर से आते तो बचना मुश्किल था.
दोनो बेटे ओर गावं के कुछ ओर लोग भी उन के साथ सारी रात मेडिकल कालेज के बाहर बेठे रहे, ओर बारी बारी से मां ओर दादी मां ओर बुआ को देख आते, ओर फ़िर सारी रात प्राथना करते बीत गई, सुबह सुबह जब छोटा लडका मां को देखने गया, तो थोडी ही देर मे वापिस आ गया ओर सब को दुर से इशारे बुला कर जल्दी से फ़िर अन्दर चला गया.अब सभी चिंतित मन से जलदी से अन्दर भागे ओर अंदर जाते ही सब की आंखे फ़टी रह गई.
छोटा कभी मां तो कभी बुआ से को गले लगा कर बच्चो की तरह से रो रहा था, ओर मां ओर बुआ भी खुब रो रही थी, लेकिन उन्हे पता नही था यहां केसे आ गई.जब सब से मिलना हो चुका ओर सभी को विशवास हो गया कि अब मां ओर बुआ को कुछ नही होगा, इतनी देर मे डाकटर साहब जी भी आ गये,
ओर उन्होने कहा अब हमे पुरी बात जाननी चाहिये, अगर किसी की साजिस हे तो यह केस बनता हे ,
इस लिये कपृया प सब हम लोगो को अकेला छोड दे, सभी लोग बाहर चले गये, डाकटर ने दोनो लडकॊ को भी बाहर भेज दिया.......... दादी की बात सुन कर डाकटर साहिब ने अपना सर पकड लिया, ओर दादी को बहुत कुछ समझाया. फ़िरसब को बुला कर वह बात बातई जिस से इस खुशी के मोके पर अचानक दुख के बादल छा गये.
असल मे जब बडॆ लडके ने बुआ को दवाईयो को फ़ेकने को कहा तो, अनपढ बुआ उन दवाओ को पलु मे बाध कर बेठ गई, दुसरे दिन जब दोनो मां बेटी अलग बेठी तो बुआ बोली मां तुम्हारा बेटा तो पेसे लुटाने लगा हे यह देखॊ कितनी कीमती दवा फ़ेकने को बोल रहा है, जेसे दवा मुफ़त मे आई हो, ओर फ़िर दोनो मां बेटी ने मिल कर आधी आधी दवा पानी के साथ खा ली, बाकी सारा नजारा आप के सामने.....
यह एक सच्ची बात हे, आप भी अपने बुजुर्गो को यह जरुर समझाये कि... ऎसा मत करे. ओर दवा को बच्चो ओर नादनो के हाथो से दुर रखें
फ़िर दादी का जन्म दिन ओर भी खुशी से मनाया गया, ओर वह डाकटर साहिब ओर वह नर्से भी आई जिन्होने उस रात मोत से लडकर दोनो को नयी जिन्दगी दी.
Saturday, October 04, 2008 | 17 Comments
ईसा- मसीहा ओर आई एन आर आई
जेसे हिन्दुओ मे ऊं शव्द होता हे, वेसे ही ईसाईयो ओर कथोलिको मे क्रास होता हे, आप ने कभी उस क्रास कॊ ध्यान से देखा हे, या इन की कब्र को, या फ़िर कभी ईसा मसीह का बुत देखा हो इन सब जगह पर एक शव्द लिखा होता हे** INRI** क्या आप जानते हे इस का मतलब ? शायद काफ़ी लोग ना जानते हॊ...
इस का अर्थ हे...नैजेरथ के ईसा यहुदियो के राजा,(Iesus Nazarenus Rex Iudaeorum ) जेसे भारत मे या दुनिया मे किसी केदी को उस की पहचान दी जाती हे यह एक पहचान थी, ओर इसी पहचान के साथ उन्हे सुली पर भी चढाया गया था
Thursday, October 02, 2008 | 4 Comments